Wednesday, 24 May 2017

✍कवि हिमांशु पाण्डेय "प्रयागवासी" की कलम से पेश है कुछ गीत
🖊🖊📚📔📒📕📝🖌💻
तेरी मुहब्बत की राहो में
भटक रहे दिवाने है
नजरे इनायत की चाहत में
रचते नए तराने है
👰🏻👰🏻👰🏼👸🏻👸🏼🙋🏻💃🏻💃🏻💁🏻
नकाब पहन के चलती हो
ना लगे नजर जमाने की
चर्चे होते गलियों मे अब
जुल्फ💇 तेरे लहराने की
💁🙇💏💏👩‍❤️‍💋‍👩👩‍👩‍👧‍👦👩‍👩‍👧👗👨‍
बना लिया  आशिक है सबको
गढ़ते सब अफसाने है
तेरी मुहब्बत की राहो में
भटक रहे दिवाने है
💅✌😴💤😴💤😴💤🤗
☎7800342510, 9415580588
✍Himanshu prayagwashi

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